हमारा राजपुर गांव का तीसरा दौरा बेहद खास रहा। जब हम शेखर जी के घर पहुंचे तो उनके घर में गहमागहमी थी। असल में सान्या की मौसी के घर में एक शादी थी और उसके लिए परिवार को दूसरे शहर जाना था। शेखर जी भी पहले कभी रायसेन नहीं गए थे और फिर पूरे परिवार के साथ नई जगह पर जाने के नाम से ही सभी को खासी चिंता हो रही थी। कैसा शहर है! कैसे जाना होगा! बस से ठीक रहेगा या फिर ट्रेन में! ऐसे ही सवालों में सभी मगन थे। जैसे तैसे फोन पर उन्हें जानकारी मिली कि रायसेन में ट्रेन की सुविधा तो है नहीं, तो जाहिर है कि बस से जाना होगा, लेकिन चार—साढ़े चार सौ किलोमीटर की दूरी बस से तय करना और फिर राजपुर से कोई सीधी बस है भी या नहीं। फिर बस में सीट का झंझट। उधर ट्रेन से अगर भोपाल तक जाना हो तो ट्रेन का टिकट बुक कराना, फिर स्टेशन से बस स्टेंड जाना वह भी इतने सामान के साथ और फिर सही बस में सीट आदि मिलना, यह सारे काम और इनकी जानकारी अभाव खासी मुश्किलें पैदा कर रहा था।
कुल मिलाकर पूरा परिवार एक शादी में जाने के लिए जितना उत्साहित था,
उससे ज्यादा आवागमन की चिंताओं के कारण परेशान था। हमने उन्हें बताया कि आपके आवागमन से जुड़े सभी सवालों के जवाब इंटरनेट पर मिल जाएंगे। इस पर राजमनोहर जी फट पड़े। बोले— यह आपका इंटरनेट क्या सीधे शादी के हाल तक पहुंचा देगा। हमने हंसते हुए कहा— हां, काका सीधे वहीं तक पहुंचा देगा। आप एक बार मदद तो लो।
इस बात पर शेखर जी थोड़ा गंभीर हो गए। बोले— आप मजाक तो नहीं कर रहे हैं! क्या सचमुच इंटरनेट के जरिये यह काम किया जा सकता है।
हमने बताया कि बिल्कुल किया जा सकता है।
कैसे
देखिये सबसे पहले तो आप यह तय कर लीजिए कि आपको ट्रेन से कहां तक जाना है और फिर बस कहां से पकड़नी है। राजपुर से भोपाल तक की ट्रेन को आईआरसीटीसी की साइट पर जाकर सर्च कर सकते हैं। किस ट्रेन में कितनी सीट खाली हैं। यह भी आपको वहीं पता चल जाएगा। जिस तारीख को जाना है,
उसका टिकट घर बैठे अपने मोबाइल से ही बुक कर दीजिए। फिर भोपाल स्टेशन से भोपाल बस स्टैंड तक की दूरी को गूगल मैप पर देखें और वहां यह भी आप्शन दिखाई देंगे कि आप सबसे आसानी से कैसे स्टेशन से बस स्टैंड पहुंच सकते हैं।
इस पर माधुरी जी बोली— क्या लोकल बसों की जानकारी भी हमें गूगल मैप पर दिख जाएगी।
बिल्कुल। लोकल बस,
टैक्सी आदि की जानकारी आपको मैप पर मिल जाएगी और उसके जरिये आप कम से कम समय और कम से कम किराये में भी बस स्टेंड पहुंच सकते हैं।
तब तो बड़ी अच्छी बात है,
लेकिन बस स्टैंड पर बस में सीट नहीं मिली तो!
उसकी भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। बस की टिकट भी आप आनलाइन बुक कर सकती हैं। बस आपको यह देखना है कि आपकी ट्रेन किस समय पहुंच रही है और आमतौर पर यह ट्रेन कितना देरी से चलती है। इसकी जानकारी भी आपको इंटरनेट पर मिल जाएगी।
वाह तब फिर ऐसा ही करते हैं। सान्या निकाल अपना मोबाइल और इस बार हम आनलाइन बुकिंग से ही शादी में जाएंगे।
शेखर जी का परिवार अपने टिकट आदि की बुकिंग करने लगा तब तक हम विमल जी के घर की ओर जाने के लिए चल दिए।
विमल जी घर पहुंचकर पता चला कि उनकी रिश्तेदारी में भी शादी है। हमें लगा कि यहां भी ऐसा ही अफरातफरी का माहौल होगा। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था। पूछने पर पता चला कि उन्होंने सभी टिकट पहले ही आनलाइन बुक करवा लिए हैं। यहां तक कि गिफ्ट भी आनलाइन बुक करवा लिया है,
जिसकी डिलेवरी सीधे शादी वाले घर पर उनके नाम से हो जाएगी।
हमने तन्मय से पूछा कि शादी में उसका क्या प्लान है,
तो वह बोला कि—
मैं अपने परिवार के लोगों और रिश्तेदारों से बहुत ज्यादा मिला नहीं हूं तो इस बार सोचा है कि सबका एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाउंगा। बचपन में चाचा—मामा के भाइयों से काफी करीब था,
लेकिन धीरे—धीरे हमारी बातचीत कम होती गई,
लेकिन अब सभी के सोशल प्रोफाइल्स के जरिये एक ग्रुप तो बनाया ही जाएगा।
हमने तन्मय के इस अति उत्साह को ठंडा करना ठीक नहीं समझा लेकिन बहुत अधिक सोशल मीडिया के इस्तेमाल के अपने खतरे भी हैं। चूंकि तन्मय बेहद संजीदा और समझदार लड़का है तो हमने सीधे ही पूछ लिया कि क्या तन्मय आपको सोशल मीडिया पर किसी ने कभी किसी ने परेशान किया है,
या किसी आपके जानने वाले को!
इस सवाल पर उसके चेहरे का रंग अचानक गहरा हो गया। वह बोला— हां अंकल शुरुआत में जब मैं सोशल मीडिया पर आया तो काफी लोग बुलिंग करते थे। फोटो पर कमेंट से लेकर इनबॉक्स तक में कई प्रकार की बातें लिखते थे। लेकिन अब मैंने धीरे धीरे इन बुलिंग वालों से निपटना सीख लिया है।
तो आप कैसे निपटते हैं इन बुलिंग प्रोफाइल से
सबसे पहले तो हम सोशल मीडिया पर ही उनकी प्रोफाइल को रिपोर्ट कर देते हैं। और उनकी चैट या कमेंट के स्क्रीन शॉट को साइबर सेल को भेज देते हैं। इससे आमतौर पर काम बन जाता है।
क्या आपके दोस्त भी कभी बुलिंग का शिकार हुए हैं!
हां, ऐसा कई दोस्तों के साथ हुआ है। हालांकि हम अपने दोस्तों को भी यह सलाह देते रहते हैं कि अगर कोई सोशल मीडिया पर किसी भी तरह से परेशान कर रहा है,
तो उसके बारे में अपने घर पर जरूर जानकारी दें।
फिर तन्मय ने एक बड़ी काम की बात कही। वह बोला— लेकिन अंकल कई बार जब हम लोग अपने घर के बड़ों को साइबर बुलिंग के बारे में बताते हैं तो वह इसे नजरअंदाज कर देते हैं। यह ठीक नहीं है। कई बार फिर हम इस तरह की बातों को बताते नहीं हैं, और इसके बहुत खराब परिणाम होते हैं।
तन्यम की बात सही थी। इस बारे में हमने गांव के अन्य लोगों से बात करने का आश्वासन दिया।
इस बीच शाम गहराने लगी थी और काफी बातें हो गई थीं तो हमने गांव से विदा ली।
Content by: Sachin Srivastava
Illustration : Pooja Malviya
इस सीरीज की चौथी कहानी पढ़िए कल...
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