दरबार जी: लेकिन यह कहां मिलेगी।
विमल जी:यह यूट्यूब पर वीडियो के रूप में और अन्य साइट पर लेखों के रूप में उपलब्ध है....
इतने में विमल जी के पिता दयाल साहब बोले— "भई ये ट्यूब साइट के नाम न गिनाओ, तुमको बहुत पता होंगे, लेकिन हमें तो यह करके बताओ।"
तब विमल जी ने अपने फोन पर यूट्यूब पर बीजों के प्रकार के मुताबिक, बोहनी आदि के बारे में और समय समय पर निंदाई, गुढ़ाई आदि की जानकारी वाले वीडियो चलाकर दिखाए।
शेखर जी बोले— "यह तो बड़ी अच्छी बात है। अब तक हम लोग इधर उधर से जानकारी जुटाते थे। अब अगर मोबाइल पर ही उपलब्ध है,
तो इससे काफी आसानी होगी। और वह आप मौसम के बारे में बता रहे थे,
वह जानकारी कहां मिलेगी।"
विमल जी ने भारतीय मौसम विभाग की साइट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि
"अगर हम लोग खेती संबंधी जानकारी के लिए एक सोशल मीडिया ग्रुप बना लें तो एक दूसरे को जो जानकारी होगी, उसे आसानी से साझा भी कर सकते हैं।"
इस पर राजमनोहर जी बोले कि
"भई जिसे लिखना पढ़ना नहीं आता है कि उसके लिए भी कोई विकल्प बताओ।"
विमल जी बोले— "उसके लिए आपसे मदद ली जाएगी काका। ऐसा कर सकते हैं कि हम अपने पारंपरिक ज्ञान और नई जानकारियों के वीडियो बना बनाकर उन्हें यूट्यूब या अन्य एप और साइट पर अपलोड कर सकते हैं।"
शेखर जी:हां यह बड़ी अच्छी बात है, लेकिन यह काम कौन करेगा।
तब तक तन्यम इस बातचीत को सुन रहा था। वह बोला— "अंकल यह काम हम लोग कर लेंगे। आप लोग बस समय और बातचीत का मुद्दा तय कर लिया करो। मैं अपने दोस्तों के साथ मिलकर छोटे—छोटे वीडियो के जरिये इसे कर लूंगा।"
दयाल जी:यह बड़ी अच्छी बात है। भई अब तो तीनों पीढ़ियां तकनीक के जरिये एक हो जाएंगे। बुजुर्ग बोलेंगे, बच्चे उसे रिकॉर्ड करेंगे और बाकी सब सुनेंगे।
इस बात से सभी के चेहरे खिल उठे।
लेकिन विमल जी ने एक अन्य बात छेड़कर सभी को चिंता में डाल दिया।
उन्होंने कहा— "वीडियो को अपलोड करते हुए साइबर सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। तन्यम इस बारे में अपने दोस्तों को भी बता देना। इंटरनेट का इस्तेमाल अच्छी बात है,
लेकिन बहुत ज्यादा इस्तेमाल और सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।"
गांव के लोगों में इसके प्रति उत्सुकता बढ़ी। तो विमल जी ने बताया कि
"हर अच्छी चीज के साथ कुछ बुराइयां भी साथ साथ आ जी हैं। जैसे हमारे गांव में ही कुछ लोग बिना बात के कुछ लोगों को परेशान करने में खुश होते हैं, उसी तरह इंटरनेट की दुनिया में भी ऐसे लोग हैं जो विभिन्न तरीकों से लोगों को परेशान करते हैं। इन लोगों से बचने के लिए साइबर यानी इंटरनेट सुरक्षा के उपाय भी करने होते हैं। मोबाइल चलाना तो अच्छी बात है,
लेकिन मोबाइल के जरिये हम गलत सूचना को न आगे बढ़ायें और किसी और तरह की मुसीबत में न फंसें यह भी ध्यान में रखना चाहिए।
दरबार जी:हां भई, अब इस नई तकनीक के साथ खेती करनी है, तो इसकी सुरक्षा भी करनी होगी। खेतों में फसलों की सुरक्षा करो और फिर मोबाइल में खेती की जानकारी की, क्यों है न?
विमल जी:बिल्कुल दरबार भाई। खेती की सुरक्षा तो करना हमें आता है, लेकिन अब ये इंटरनेट सुरक्षा हमें भी नई पीढ़ी से सीखनी चाहिए।
हां भई जरूरी है,
अब बच्चों की दुनिया को जानना है तो कुछ तो नया सीखना ही पड़ेगा।
इस बात ने सभी ने हामी भरी। तब तक चाय आ चुकी थी और शाम भी ढलने लगी थी। चाय की चुस्कियों के साथ सभी एक दूसरे से खेती के नये विकल्पों आदि की जानकारी लेने लगे।
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तो आइये जानते हैं इन परिवारों के बीच गुजरे 10 दिनों की दास्तान।
Content by: Sachin Srivastava
Illustration : Pooja Malviya
इस सीरीज की पहली कहानी पढ़िए कल...
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