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सातवां दिन: बिजली कट गई

 

इस बार जब हम राजपुर पहुंचे तो शाम का वक्त था। हमने ज्यादातर वक्त इस गांव में दिन में गुजारा था और इस बार रात में लोगों से बातचीत करने की गरज से हम शाम को पहुंचे। लेकिन यह शाम एक अलग मुसीबत लेकर आई। गांव में पहुंचकर पता चला कि आज दोपहर से लाइट नहीं है। इसे लेकर गांव में तरह तरह की अफवाहें चल रही थीं। कोई कह रहा था कि बिजली के बिल कई लोगों ने नहीं भरे हैं। इसलिए पूरे गांव की बिजली काट दी है। इस बात से गांव में जिन्होंने बिजली के बिल भरे थे और जो किसी कारण से बिल नहीं भर पाए थे, उनके बीच बहस भी हो चुकी थी। 

हम चौक के करीब से गुजरेतो पता चला कि आज रात भर बिजली आने की बात कही जा रही है। इसी तरह की कई आधी अधूरी खबरों के साथ हम शेखर जी के घर पहुंचे तो वे दालान में ही बैठे हुए थे। उन्होंने कहा कि आपने भी रात रुकने के लिए क्या दिन चुना है। आज तो लाइट ही नहीं आएगी।

हमने पूछालेकिन क्यों नहीं आएगी।

शेखर जी: पता नहीं, कोई बता रहा था कि बिजली के बिल नहीं भरे हैं, इसलिए पूरे गांव की बिजली काट दी है। देखिये गलतियां कुछ लोग करते हैं, लेकिन भुगत पूरा गांव रहा है।

सामने से विमल जी ने शायद यह बात सुन ली थी। वे करीब आते हुए बोलेभई यह किसने कहा दिया कि बिजली बिन भरने के कारण काट दी गई है।

शेखर जी: अभी कई लोगों ने कहा है।

विमल जी: कई लोगों के कह देने से कोई बात सच तो नहीं हो जाती है।

शेखर जी: तो आप ही बता दीजिए कि सच क्या है।

विमल जी: सच यह है कि दोपहर को आंधी और तूफान के कारण बिजली सप्लाई प्रभवित हुई है और कल तक यह सुचारू हो जाएगी।

शेखर जी: लेकिन यह खबर कहां से मिली। टीवी तो चल नहीं रहा है।

विमल जी: भई टीवी हमारे गांव में नहीं चल रहा है, लेकिन टीवी पर खबरें तो चल रही हैं न। मैंने अभी अभी एक राष्ट्रीय चैनल पर खबर देखी है और फिर अपने राज्य की वेबसाइटों पर भी यह खबर है।

शेखर जी: अच्छा ये बात है। भाई शुक्रिया। वरना हम यही समझते रहे कि गांव में जिन्होंने बिल नहीं भरे हैं, उनके कारण पूरा गांव अंधेरे में है। दोएक लोग तो इस बात पर झगड़ भी लिये हैं।

विमल जी: आजकल अफवाहों के आधार पर झगड़े आम हो गए हैं। और सोशल मीडिया के कारण तो अफवाहें भी बहुत तेजी से घूमने लगी हैं।

शेखर जी: बिल्कुल विमल जी, लेकिन इनसे बचने के उपाय तो होंगे न।

विमल जी: बिल्कुल हैं। एक तो यही कि हर बात जो सोशल मीडिया पर रही है, उसे सच मानें। अपनी सहज बुद्धि के साथ साथ तथ्यों की पड़ताल भी करें। आजकल कई ऐसी वेबसाइट हैं जो ऐसी खबरों की पड़ताल करती हैं। उन पर जाकर भी सत्यता की जांच कर लेनी चाहिए।

शेखर जी: लेकिन विमल जी ये झूठी खबरों को फैलाकर लोगों को आखिर मिलता क्या है!

विमल जी: देखिये ज्यादातर झूठी खबरें किसी समूह द्वारा अपने फायदे के लिए फैलाई जाती हैं, लेकिन कुछ खबरें बेवजह लोगों को परेशान करने के लिए भी उड़ाई जाती हैं।

शेखर जी: जैसे!

विमल जी: जैसे यही कि अभी कुछ दिनों में ही एक बड़े अभिनेता की मृत्यु का समाचार चारपांच बार फैलाया जा चुका है। एक बड़ी गायिका की मौत की खबर भी विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर पिछले दिनों सुर्खियों में रही। जबकि हकीकत यह थी कि यह दोनों ही सलामत हैं और भले चंगे हैं।

शेखर जी: हां, यह खबर तो मैंने भी सुनी थी और सन्न रह गया था।

विमल जी: तो भई यह सोशल मीडिया और इंटरनेट अच्छा तो है लेकिन तभी तक जब तक कि इसका इस्तेमाल बहुत ऐहतियात के साथ किया जाए।

शेखर जी: जी, यानी यह वह नदी है, जिसमें तैरना अच्छी तरह से सीखने की बाद ही उतरना चाहिए। नहीं तो बह जाने का खतरा है।

विमल जी: वाह शेखर जी, आपने तो बहुत ही उम्दा मिसाल दी है।

 

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