मंगलवार, अक्तूबर 12, 2010

शब्द खामोश,

शब्द खामोश,
जुबां खामोश
दिल खामोश.
जहां खामोश.   

शब्द पत्थर,
जुबां पत्थर.
दिल पत्थर,
जहां पत्थर. 

शब्द जालिम
जुबां  जालिम. 
दिल जालिम ,
जहां जालिम .

शब्द धकधक
जुबां धकधक.
दिल धकधक ,
जहां धकधक. 

1 टिप्पणी:

Akshita (Pakhi) ने कहा…

वाह, नए अंदाज में लिखी प्यारी कविता..बधाई.
कभी 'पाखी की दुनिया' की भी सैर पर आयें .