शुक्रवार, जून 06, 2014

हैवानियत, शैतानियत और धोखे की कहानियां, पढ़कर रूह तो कांपेगी ही

यूपी में रेप के बाद दो किशोरियों के हालात पर पूरे देश में मामला खूब उछला, पॉलिटिकल ड्रामेबाजी चलती रही। नेताओं के बयान सामने आए। इसी दौरान छत्तीसगढ़ में भी ऐसे मामले सामने आए जो बेहद संवेदनशील हैं। तेजी से विकसित हो रहे छत्तीसगढ़ को इन घटनाओं ने शर्मसार कर दिया।

जशपुर जिले में एक सोलह साल की लड़की को तीन लड़कों ने जबरन शराब पिलाई और रेप को अंजाम दिया तो एक दूसरी घटना में एक आदमी की नीयत तीन साल की बच्ची पर डोल गयी। राज्य का का हेल्थ सिस्टम रेप के बाद 12 घंटे बाद तक बच्ची का इलाज नहीं कर पाया। वहीं एक दूसरी घटना में प्रेमी ने अपनी प्रेमिका से संबंध बनाए उसी वक्त परिजनों के देख लिए जाने दोनों सुसाइड के लिए निकले, पर प्रेमिका को पेड़ से लटकाकर प्रेमी रफूचक्कर हो गया। एक और शर्मसार कर देने वाली घटना राजधानी में सामने आई जहां एक एक सोलह साल की किशोरी के पिता को युवकों ने धमकी दी कि यदि रात को लड़की को उनके पास नहीं भेजा तो अंजाम बुरा होगा।

यह वहीं राज्य है जिसके विकास को देश के सामने बताया जाता है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी यहां की तारीफ के कसीदे पढ़ते हैं, लेकिन यही वह राज्य है जहां कि आदिवासी कन्या आश्रम में तेरह बच्चियों के साथ दुष्कर्म भी होता है।


पहली कहानी हैवानियत की

बालोद जिले के डौंडीलोहारा में एक तीन साल की बच्ची के साथ गांव के एक युवक ने दुष्कर्म किया।  पीडि़त नाबालिग के परिजन की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत मे ले लिया है।

यहां के गांव बड़े जुॅंगेरा मे इसी सप्ताह बुधवार को सुबह एक तीन साल की बच्ची अपने भाई के साथ गांव मे ही साइकिल दुकान पर साइकिल सुधरवाने के लिये गई थी। साइकिल सुधर जाने के बाद उसका भाई साइकिल लेकर घर चला गया और बच्ची वहीं पर खेलने लगी। इसी दौरान साइकिल दुकान का संचालक दीन बन्धु नेताम ने बालिका को बहाने से अपने घर ले गया और उससे जबरदस्ती की। बालिका ने घटना की जानकारी अपने माता पिता को दी। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।

दिन भर भटकते रहे मेडिकल कराने के लिए

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीडि़ता व उनके परिजन को परीक्षण कराने भेज दिया गया, लेकिन वह परीक्षण के लिए इधर—उधर भटकती रही। सबसे पहले डौंडीलोहारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया उसके बाद वहां महिला चिकित्सक उपलब्ध नही होने के कारण उन्हें बालोद जिला चिकित्सालय रिफर किया गया। यहां पर महिला स्वास्थ्य चिकित्सक नही होने के कारण उनका स्वास्थ्य परीक्षण नही होने की दशा में उन्हें गुंडरदेही व उसके बाद दुर्ग रिफर कर दिया जिसके चलते पीडि़त नाबालिग लड़की व उनके परिजन दिनभर दर दर भटकने को मजबूर थे। 12 घंटे बाद उन्हें रायपुर के अम्बेडकर हॉस्पिटल में इलाज मिला। बच्ची को आज शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।


दूसरी कहानी शैतानियत की

जशपुर जिले के सिटी कोतवाली थानांतर्गत आने वाले बस स्टैंड में बैठ कर अपने दोस्त का इंतजार कर रही 16 वर्षीय लड़की को फुसलाकर तीन युवक रानीदाह ले गए। यहां उन्होंने लड़की के मुंह में जबरन शराब की बॉटल ठुसा दी, और इसके बाद बारी—बारी से रेप ​किया। पुलिस ने पीडि़ता की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

कोरबा में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी अपनी बुआ और फूफा के साथ झारखंड से आई थी। पीडि़ता की बुआ और फूफा को कोरबा वापस जाना था। पीडि़ता के फूफा ने जशपुर बस स्टैंड आने के लिए एक निजी वाहन किराए पर लिया था।  पीडि़ता अपनी बुआ और फूफा को छोडऩे के लिए जशपुर बस स्टैंड पहुंची थी।

परिजनों के जाने के बाद पीडि़ता बस स्टैंड में ही एक मोची की दुकान में बैठ कर किसी का इंतजार कर रही थी। उसी दौरान डीपाटोली का एक युवक उसके पास आया और उससे बात करने लगा। इसके बाद उसके दो और साथी आ गए। तीनों ने लड़की को पहले पानी पिलाया, उसके बाद पीडि़ता को घुमाने की बात कही। जिस पर पीडि़ता उनकी बातों में आ गई।


रानीदाह में किया दुष्कर्म-आरोपियों ने पीडि़ता को मोटर साइकिल से रानीदाह ले गए। जहां उन्होंने उसे घुमाया और जंगल की ओर चलने को कहा। इसे बाद उन्होंने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसी दौरान उन्होंने महुआ शराब खरीद कर पी और पीडि़ता को भी जबरन शराब पिला दी।


20 रुपए देकर छोड़ दिया-एएसपी पांडेय के मुताबिक पीडि़ता को रात में डीपाटोली के एक सूने मकान में ले गया। जहां उसने पीडि़ता के साथ रात भर दुष्कर्म किया। इसके बाद सुबह पीडि़ता को 20 रुपए देकर घर जाने की बात कह कर उसे छोड़ दिया।


तीसरी कहानी धोखे की

रायपुर। उन दोनों को मोहब्बत थी। शादी से पहले छुप-छुप कर मिला करते थे। बात मोहब्बत तक ही सीमित होती तो ठीक थी, उन दोनों ने रिश्तों की सीमाएं लांघते हुए संबंध भी बना लिए थे। एक दिन ऐसी ही आपतिजनक हालत में चाचा ने उन दोनों को देख लिया। उन दोनों को भी पता चल गया कि चाचा ने देख लिया है। इसके बाद तो किशोरी ने अपने घर जाने से मना कर दिया वहीं सात जन्मों की कसम खाने वाला उसका प्रेमी भी उसे अपने साथ रखने से मुकर गया। इस विकट स्थिति में दोनों ने साथ मरने का निर्णय लिया। प्रेमी ने पहले नाबालिग प्रेमिका के गले में फांसी का फंदा डाला। नायलोन की रस्सी डाल की दूसरी ओर गिराकर खुद के लिए फंदा बनाते लगा, लेकिन इस दौरान उसे मौत का डर सताने लगा। खुद के मरने का फैसला बदल दिया और फंदे में बंधी प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार शनिचरा की 17 वर्षीय सीमा (परिवर्तित नाम) रात से गायब थी। घर से लगभग 200 मीटर की दूरी पर सीमा का सलवार व मोबाइल मिला। उसी स्थान से मृतका के परिजनों ने गांव के रविकांत कश्यप को भागते देखा था। इससे उनको शक हो गया था। इसके बाद गायब लड़की का शव रविवार को सीमा का शव 2 किमी दूर परसा के पेड पर मिला। किशोरी के पास से एक सुसाइडल नोट भी मिला था। पुलिस युवक रविकांत कश्यप को हिरासत में लेकर विवेचना कर रही थी।
 
 पुलिस को शक हुआ तेा पूछताछ में संदेही युवक रविकांत ने अपना अपराध कुबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपनी नाबालिग प्रेमिका के साथ संबंध बनाए इस दौरान चाचा ने देख लिया। तो उन दोनों ने आत्महत्या करने की सोची। प्रेमिका जब फंदे पर झूल गयी तो उसे डर लगने लगा, और उसने अपना सुसाइड करने का इरादा बदल दिया। रविकांत ने यह भी बताया कि उसने मौत के बाद जींस लेकर वहां पहुंचा। शव को जींस पहनाई और आत्महत्या का नोट वहां छोड़ दिया।

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